मनोगत
बापू राऊत
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या महापरिनिर्वाणा नंतर आंबेडकरवादी सामाजीक, धार्मिक व राजकीय चळवळ भरकटत चालली होती. नेते व संघटनाचे अमाप पीक महाराष्ट्रात व देशात आले होते व आताही येतेच आहे. डॉ. बाबासाहेबांचा सहवास लाभलेले एकेक नेते स्वत:च्या वेगवेगळ्या राहुट्या निर्माण करु लागले तर
सामाजिक महापरिवर्तन गठबंधन के बैनर तले लखनऊ के दारुल सफा सभागार में जातीय जनगणना सहित पांच मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें देश व उत्तर प्रदेश के कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के 10 बड़े शहरों में जाति जनगणना के पक्ष में बड़े प्रदर्शन और जनसभा करने पर सहमति बनी.
कार्यक्रम
दस अप्रैल, 2008 को अपने फैसले में उच्चतम न्यायालय ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को वैध ठहराया लेकिन संपन्न लोगों यानी क्रीमी लेयर को इस दायरे से बाहर रखा अर्थात सवर्ण वर्ग, जो अक्सर कहता है कि आरक्षण का लाभ पिछड़ी जातियों के संपन्न लोग ले रहे हैं, को मालूम होना
पटना - राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव से मंगलवार को उनके आवास पर मुलाकात की, इस दौरान उनकी बेटी मीसा भारती और प्रेमचंद्र गुप्ता भी साथ में थे । इससे पहले लालू प्रसाद ने सोमवार को दिल्ली में सपा नेता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी। दो दिनों में देश के दो बड़े चेहरों
बारा बलुतेदार मध्येच सर्वात महत्त्वाचा घटक असतो सुतार समाज. पूर्वापार परंपरेनुसार ज्या गावात सुतार समाजाची घर नसेल त्याला गाव म्हंटली जात नसे त्याला वाडी किंवा वस्ती असे असे म्हटले जाई. या देशातील प्रत्येक गावात सुतार समाजाचे एक तरी घर असतेच. सुतार समाज हा गावाचा अविभाज्य भाग आहे. सुतार