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अस्पृश्यता और अराजकता
बहुत से लोगों को इस बात पर आश्चर्य होता है कि जिस व्यवस्था में इतनी ढेर सारी असमानताएं हों, वह अब तक जीवित कैसे रही है। कौन से ऐसे तत्व है, जो इसे पुष्ट करते हैं ? जो तत्व इस व्यवस्था को पुष्ट करते आएं हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण तत्व है हिंदुओं का इसे हर कीमत पर बनाए रखने का संकल्प।
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अस्पृश्यता - उसका स्रोत
ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अस्पृश्यों की दयनीय स्थिति से दुखी हो यह चिल्लाकर अपना जी हल्का करते फिरते हैं कि 'हमें अस्पृश्यों के लिए कुछ करना चाहिए।' लेकिन इस समस्या को जो लोग हल करना चाहते हैं, उनमें से शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो यह कहता हो कि 'हमें स्पृश्य हिंदुओं को
रानाडे, गांधी और जिन्ना - लेखक - डॉ. भीमराव अम्बेडकर
18 जनवरी, 1943 को पूना के गोखले मेमोरियल हॉल में
महादेव गोविंद रानाडे
के 101 वें जयंती समारोह में दिया गया भाषण
1943 में पहली बार प्रकाशित
1943 में संस्करण का पुनर्मुद्रण
प्रस्तावना
पूना की दकन सभा ने मुझे स्वर्गीय न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानाडे के
विविध मागण्यांचे निवेदन मुख्यमंत्र्यांना देणार
कोल्हापूर : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवार, दि. २८ रोजी कोल्हापुरात येणार आहेत. त्यावेळी ओबीसींची जातवार जनगणना करावी यासह विविध मागण्यांचे निवेदन मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री यांना देण्याचा निर्णय ओबीसी जनमोर्चाच्या
नगर - महात्मा जोतिराव फुले यांना महाराष्ट्रातील दुसरे समाजसुधारक रावबहादुर नारायण मेघाजी लोखंडे व रावबहादुर वडेकर यांच्या हस्ते मुंबईतील कोळीवाडा येथील जनतेने ११ मे १८८८ रोजी महात्मा ही पदवी प्रदान केली. त्या वेळे पासून देश त्यांना महात्मा म्हणून ओळखू लागला आहे. आता हा दिवस राज्य सरकारने महात्मा