बोगस कुणबी दाखल्यांच्या विरोधात ओबीसी जनमोर्चा आक्रमक
मूळ ओबीसी समाजावर अन्याय थांबवा; बेकायदेशीर कुणबी दाखल्यांची सखोल चौकशी करून दोषींवर कठोर कारवाईची मागणी कोल्हापूर - राज्यात बोगस कुणबी (ओबीसी) जातीच्या दाखल्यांच्या वाढत्या...
संपूर्ण वाचाबहुजन दार्शनिकांच्या विचारांसाठी समर्पित
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मूळ ओबीसी समाजावर अन्याय थांबवा; बेकायदेशीर कुणबी दाखल्यांची सखोल चौकशी करून दोषींवर कठोर कारवाईची मागणी कोल्हापूर - राज्यात बोगस कुणबी (ओबीसी) जातीच्या दाखल्यांच्या वाढत्या...
संपूर्ण वाचाविद्यार्थ्यांच्या आंदोलनाला पाठिंबा; राष्ट्रीय ओबीसी महासंघाची तीव्र निदर्शने, निष्पक्ष चौकशीची मागणी दिल्लीतील जंतर-मंतर येथे पेपरफुटी प्रकरणाच्या निषेधार्थ व केंद्रीय शिक...
संपूर्ण वाचाआलेख : राजेंद्र शर्मा सड़कें अगर खामोश हो जाती हैं, तो संसद आवारा हो जाती है ! जनतंत्र के भारतीय अभ्यास से निकली इस जानी-मानी कहावत के हिसाब से संसद के मानसून सत्र के पहले द...
संपूर्ण वाचाआलेख : कृष्ण प्रताप सिंह एक के बाद एक पेपर लीक मामलों से पीड़ित देश भर के बेरोज़गार युवाओं व छात्रों के लिए न्याय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ...
संपूर्ण वाचाआलेख : राम पुनियानी, अंग्रेजी से रूपांतरण अमरीश हरदेनिया आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत हिन्दू राष्ट्र के विचार को सही ठहराने के लिए तरह-तरह की वैचारिक कलाबाजियां खाते रहते हैं। वे...
संपूर्ण वाचा(आलेख : बादल सरोज) लौटे हुए पांच दिन हो चुके हैं, मगर ऑस्ट्रेलिया में मीम बनाकर मखौल उड़ाना आज भी चल रहा है। वहां का मीडिया आज भी विशेष रूप से बुक करके लाये चार्टर्ड हवाई जहाजों ...
संपूर्ण वाचासंजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां 1. तोड़-फोड़ के मदमस्त हाथी पर सवार भाजपा की ओछी राजनीति लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के जरिए आम जनता द्वारा दिए गए बहुमत के आधार...
संपूर्ण वाचा( फिल्म समीक्षा : जवरीमल्ल पारख ) देश 15 अगस्त 1947 को जब आज़ाद हुआ, तो यह आज़ादी देश के विभाजन के साथ मिली थी। देश का यह बंटवारा धर्म के नाम पर हुआ था। पंजाब और बंगाल के मुसलमा...
संपूर्ण वाचा(साभार : लाइव लॉ। रिपोर्ट : गुरसिमरन कौर बख्शी, अंग्रेजी से अनुवाद : संजय पराते) सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने सुप्रीम कोर्ट में 29 अप्रैल के उस फ़ैसले की समीक्षा की मांग करते ...
संपूर्ण वाचाआलेख : प्रभात पटनायक | अंग्रेजी से अनुवाद : राजेंद्र शर्मा आज के समय में पूंजीवाद के रास्ते पर चलना अनिवार्य रूप से समग्रता में विश्व अर्थव्यवस्था में शुद्ध ग़रीबी को बढ़ाने...
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