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भगवान बुद्ध और उनका धम्म - लेखक -  डॉ. भीमराव आम्बेडकर

Bhagwan Buddha aur Unka Dhamma Written by dr Bhimrao Ramji Ambedkar

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16 जून 2023
Book
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३. ईश्वर से प्रार्थनायें और याचनायें करना बेकार

१. एक बार भगवान् बुद्ध ने वासेठ से बातचीत करते हुए कहा -

२. ”यदि यह अचिरवती नदी किनारे तक लबालब भरी हो और एक आदमी को नदी के दूसरे तट पर काम हो, इसे पार करना चाहे,

Ishwar se Prathna aur Yachnaa karna bekar - Bhagwan Buddha aur Unka Dhamma - Written by dr Bhimrao Ramji Ambedkar

३. "और किनारे पर खड़ा होकर वह दूसरे किनारे को पुकार लगाये, हे उधर के किनारे ! इधर आओ! हे उधर के किनारे ! इधर भाओं,

४. ” हे वासेट्ठ! अब यह सोचो कि क्या उस आदमी के प्रार्थना करने से याचना करने से, आश लगाने से, स्तुति करने से वह दूसरा किनारा उधर से इधर चला आयेगा ?

५. “ठीक इसी तरह वासेट्ठ! तीन वेदों के जानकार - ब्राह्मण उन गुणों की अपेक्षा करके जो वास्तव में किसी को अच्चा ब्राह्मण बनाते है, उन दुर्गणो का अभ्यास करते है जो किसी को भी अ - ब्राह्मण बनाते है - ऐसी प्रार्थनाये, करते हैं --

६. “हे इन्द्र! हम तेरा आवाहन करते हैं । हे ब्रह्म! हम तेरा आवाहन करते है । हे ईशान ! हम तेरा आवाहन करते है । है प्रजापति! ह तेरा आवाहन करते है । है ब्रह्म । हम तेरा आवाहन करते है ।

७. ”वासेट्ठ! यह निश्चित है कि ऐसा हो नहीं सकता कि अपनी प्रार्थनाओं, अपनी याचनाओं, अपनी आशाओं और अपनी स्तुति के कारण यह ब्राह्मण अपनी मृत्यु के बाद, ब्रह्म, मे लीन हो जाये; ऐसा निश्चय से हो नहीं सकता ।