मुख्य मजकूराकडे जा

महाराष्ट्र : एक भाषावार प्रांत - डॉ. भीमराव अम्बेडकर

Maharashtra as a Linguistic Province Dr Bhimrao Ambedkar

Page 11 of 17
11 मे 2023
Book
5,7,1,2,4,3,,

बिंदु संख्या (5)

बंबई पूरे भारत का व्यापार केंद्र

    35. इस तथ्य को स्वीकार किया जाना चाहिए कि बंबई सारे भारत का व्यापार केंद्र है। किन्तु इस तर्क को कैसे स्वीकार किया जाए कि केवल इसी बात के आधार पर यह कहा जाने लगे कि महाराष्ट्र बंबई पर अपना दावा नहीं कर सकता। हर पत्तन, जिस देश या प्रदेश में वह स्थित है, उसके आसपास के ही नहीं दूर-दूर के इलाकों को भी सेवा करता है। इस आधार पर कोई यह नहीं कह सकता है कि जिस देश में वह पत्तन स्थित है, वह देश उस पत्तन को अपना इलाका नहीं मान सकता। स्विट्जरलैंड में कोई पत्तन नहीं है। वह या जो जर्मनी, इटली के या फ्रांस के पत्तनों का उयोग करता है, क्या इसीलिए स्विट्जरलैंड उन पत्तनों पर जर्मनी, इटली या फ्रांस के भौगोलिक अथवा प्रादेशिक अधिकार को मानने से इंकार कर सकता है? तो फिर बंबई पर महाराष्ट्र का दावा केवल इसीलिए क्यों स्वीकार नहीं किया जाए कि महाराष्ट्र के अतिरिक्त अन्य प्रांत भी उसका उपयोग करते हैं? हां, वह स्थिति दूसरी होगी, जब महाराष्ट्र को यह अधिकार मिल जाए कि वह इस पत्तन को गैर- महाराष्ट्रियों के लिए बंद कर दे। संविधान के अनुसार, उसे इस बात का अधिकार नहीं होगा। परिणामतः बंबई के महाराष्ट्र में मिल जाने पर भी गैर- महाराष्ट्रवासियों के लिए इस पत्तन को पहले की ही तरह उपयोग करते रहने के अधिकार में किसी तरह का अंतर नहीं आएगा।

Maharashtra as a Linguistic Province - Dr Bhimrao Ambedkar