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हिंदू धर्म की पहेलियां - लेखक -  डॉ. भीमराव आम्बेडकर

Hindu Dharm Ki Paheliyan dr Bhimrao Ramji Ambedkar

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25 ऑगस्ट 2023
Book
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अठारहवीं पहेली

मनु का पागलपन या मिश्रित जातियों की उत्पत्ति की ब्राह्मणवादी व्यवस्था

     किसी विचारगोष्ठी के लिए यदि कोई मनुस्मृति का अध्ययन करेगा तो वह पाएगा कि उसने जातियों की कई श्रेणियां की हैं। उनके नाम हैं: 1. आर्य जातियां, 2. अनार्य जातियां, 3. व्रात्य जातियां, 4. पतित जातियां और 5. संकर जातियां ।

Origin of mixed castes Manus madness or the Brahmanical system of origin of mixed castes Hindu Dharm Ki Paheliyan Riddle of Hinduism dr Bhimrao Ramji Ambedkar      आर्य जातियों का अर्थ है चार वर्णः ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र । दूसरे शब्दों में मनु चार वर्णों को आर्यवाद का सार मानते हैं। अनार्य का अर्थ है वे जातियां जो चातुर्वर्ण्य को स्वीकार नहीं करती हैं जिन्हें वह दस्यु कहता है अथात् जिन्हें वह अनार्य¹ जाति मानता है। व्रात्य जातियां वे हैं, जो कभी वर्णों को मानती थीं परन्तु बाद में जिन्होंने इसके विरुद्ध विद्रोह कर दिया।

     मनु द्वारा वर्णित व्रात्य जातियां निम्न प्रकार हैं:

व्रात्य ब्राह्मण व्रात्य क्षत्रिय व्रात्य वैश्य    
1. भृग्ग कंटक 1. झल्ल 1. सुधन्वन
2. अवन्त्य 2. मल्ल 2. आचार्य
3. वाताधान 3. लच्छवी 3. करुष
4. पुष्पदा 4. नट 4. विजनमान
5. सैख 5. करण 5. मैत्र
  6. खस 6. सत्वत
  7. द्रविड़  

1. मनु 10.45। यह श्लोक दो कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक तो यह कि इसमें शूद्रों को दस्यु से भिन्न बताया गया है। दूसरे, इससे पता चलता है कि शुद्र आर्य हैं।


यह 20 पृष्ठ की पाण्डुलिपि है, जिसका शीर्षक है 'ओरीजिन आफ मिक्स्ड कास्ट्स' हालांकि मूल टाइप की पाण्डुलिपि में लेखक ने हाथ से लिखकर कुछ पृष्ठ जोड़े हैं। पाठ में लेखक ने संशोधन भी किए हैं। • संपादक


     पतित जातियों में मनु ने उन्हें सम्मिलित किया है जिन क्षत्रियों ने आर्य अनुष्ठान त्याग दिए थे जो शूद्र बन गए थे और ब्राह्मण पुरोहित जिनके यहां नहीं आते थे। मनु ने इनका उल्लेख इस प्रकार किया है:

     1. पौंड्रक, 2. चोल, 3. द्रविड़, 4. काम्बोज, 5. यवन, 6. शक 7. पारद, 8. पल्लव, 9. चीन 10 किरात 11. दर्द ।

     संकर जातियां मनु के अनुसार वे हैं, जिनके माता-पिता का वर्ण भिन्न था।

     इन संकर जातियों की भी कई श्रेणियां हैं। विभिन्न आर्यवर्णों की संतानों का भी विभाजन दो श्रेणियों में किया गया है, (क) अनुलोम, (ख) प्रतिलोम 2. अनुलोम और प्रतिलोम से उत्पन्न जातियां, 3. अनार्यों और आर्यों की अनुलाम और प्रतिलोम संतानों। मनु ने जिन जातियों को संकर जातियों की सूची में रखा है, उनकी विभिन्न श्रेणियां निम्न प्रकार से हैं:

     मिश्रित आर्य जातियों की संतानें

पिता माता जाति का नाम अनुलोम अथवा
प्रतिलोम
ब्राह्मण क्षत्रिय ?  
ब्राह्मण वैश्य अम्बष्ट अनुलोम
ब्राह्मण शूद्र निषाद (पाराशव) अनुलोम
क्षत्रिय ब्राह्मण सूत प्रतिलोम
क्षत्रिय वैश्य ?  
क्षत्रिय शूद्र उग्र अनुलोम
वैश्य ब्राह्मण वैदेहक प्रतिलोम
वैश्य क्षत्रिय मागध प्रतिलोम
वैश्य शूद्र करण अनुलोम
शूद्र ब्राह्मण चाण्डाल प्रतिलोम
शूद्र क्षत्रिय क्षत्रिय प्रतिलोम
शूद्र वैश्य आरोगव प्रतिलोम


2. आर्य अनुलोम प्रतिलोम से उत्पन्न जातियां

पिता माता जाति का नाम
1. ब्राह्मण उग्र अव्रत्य
2. ब्राह्मण अम्बष्ट आभीर
3. ब्राह्मण आभीर धागवन
4. शूद्र निषाद कुकुतक

3. अनुलोम और प्रतिलोम के बीच विवाह जनित जातियां

पिता माता जाति का नाम
1. वैदेह आयोगव मैत्रेयक
2. निषाद आयोगव मार्गव (दाल) कैवर्त्त
3. निषाद वैदेह कारवर
4. वैदेहक अम्बष्ट वेन
5. वैदेहक कारवर आन्ध्र
6. वैदेहक निषाद मेद
7. चाण्डाल वैदेह पाण्डुसोपा
8. निषाद वैदेह अहिंदक
9. चाण्डाल पुक्कस श्वपाक (सोपाक)
10. चाण्डाल निषाद अन्त्यवासिन
11. क्षत्रिय उग्र श्वपाक

     संकर जतियों की मनु की सूची में परवर्ती स्मृतिकारों ने वृद्धि की है। इनमें उशनस स्मृति, बौधायन स्मृति, वशिष्ठ स्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति और सूत संहिता के रचियता सम्मिलित हैं।

    उशनस स्मृति के नाम इस प्रकार हैं:

संकर जाति का नाम पिता की जाति माता की जाति
1. पुलक्ष शूद्र क्षत्रिय
2. येकज पुलक्ष वैश्य
3. चर्मकारक आरोग्य ब्राह्मण
4. वेनुक सूत ब्राह्मण

    बौधायन स्मृति में निम्नलिखित नाम जोड़े गएः

संकर जाति का नाम पिता की जाति माता की जाति
1. क्षत्रिय क्षत्रिय वैश्य
2. ब्राह्मण ब्राह्मण क्षत्रिय
3. वेन वैदेहक अम्बष्ट
4. श्वपाक उग्र क्षत्रिय

    मनु की सूची में वशिष्ठ स्मृति में एक नाम जोड़ा गया है:

संकर जाति का नाम पिता की जाति माता की जाति
वेन शूद्र क्षत्रिय

    मनु. की सूची में याज्ञवल्क्य स्मृति में दो नाम जोड़े गए हैं:

संकर जाति का नाम पिता की जाति माता की जाति
1. मुर्धवसिक ब्राह्मण क्षत्रिय
2. महिष्य क्षत्रिय वैश्य