पटना : राजद ने जाति के आधार पर आबादी की गिनती के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आगाह किया है कि ऐसा नहीं हआ तो जनगणना का बहिष्कार होगा । राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि जनगणना के जिन आंकड़ों से देश की बहुसंख्यक आबादी का भला नहीं होता हो तो फिर जानवरों की गणना वाले आंकड़ों का क्या हम अचार डालेंगे ! केंद्र
जातीय जनगणना के लिए केंद्र पर लालू यादव का बड़ा हमला
जातीय जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। सुप्रीम कोर्ट में दो टूक कह दिया कि वह जातीय जनगणना नहीं करा सकता है । इसके बाद विपक्ष आक्रामक रूप से हमलावर हो गया है । आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है
केंद्र के रुख पर नीतीश की दो टूक सर्वदलीय बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
पटना : जातिगत जनगणना से केंद्र सरकार के परहेज के वाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को दो ट्रक लहजे में कहा कि सामाजिक-आर्थिक जनगणना की त्रुटि को आधार बनाकर जातिगत जनगणना से इन्कार को वह कतई सही नहीं मानते। जातिगत जनगणना का
लेखक - बापू राऊत
प्रस्तावना
बापुसाहेब राऊत लिखित “बहुजनांचे मारेकरी” हे पुस्तक फुले आंबेडकरी चळवळीतील कार्यकर्त्यासाठी अतीशय महत्वाचा दस्तावेज आहे. प्रस्तुत लेखक फुले आंबेडकरी चळवळीतील एक प्रख्यात वक्ते तसेच लेखक आहेत. बहुजनांचा बुलंद आवाज “दैनिक वृत्तरत्न' सम्राट मधुन लेखकाने
मोहन देशमाने.
सातारा स्टँडवर आलो. डोक्यात एकच विचार पक्का झालेला. “मी पुन्हा शिपाई म्हणून काम करणार नाही.” सगळेच मार्ग खुंटले. घरी सांगून तरी काय उपयोग ? ते काय म्हणणार - "बढती गेली तरी शिपायाची नोकरी आहे ना! तीच कर.” ज्या बापूजी साळुखेनी मला सातारच्या सदाशिव पेठेतून हायस्कूलवर शिपाई