क्या यह मोदी राज के अंत की शुरूआत है ?
आलेख : राजेंद्र शर्मा सड़कें अगर खामोश हो जाती हैं, तो संसद आवारा हो जाती है ! जनतंत्र के भारतीय अभ्यास से निकली इस जानी-मानी कहावत के हिसाब से संसद के मानसून सत्र के पहले द...
संपूर्ण वाचाबहुजन दार्शनिकांच्या विचारांसाठी समर्पित
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आलेख : राजेंद्र शर्मा सड़कें अगर खामोश हो जाती हैं, तो संसद आवारा हो जाती है ! जनतंत्र के भारतीय अभ्यास से निकली इस जानी-मानी कहावत के हिसाब से संसद के मानसून सत्र के पहले द...
संपूर्ण वाचाआलेख : कृष्ण प्रताप सिंह एक के बाद एक पेपर लीक मामलों से पीड़ित देश भर के बेरोज़गार युवाओं व छात्रों के लिए न्याय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ...
संपूर्ण वाचासंजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां 1. तोड़-फोड़ के मदमस्त हाथी पर सवार भाजपा की ओछी राजनीति लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के जरिए आम जनता द्वारा दिए गए बहुमत के आधार...
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