बिहार में फिर गिनेंगे जाति, 91 साल के बाद प्रदेश में जातीय गणना

Caste census in Bihar after 91 years1931 में सर्वाधिक 34.55 लाख ग्वाले थे सर्वदलीय सहमति, कैबिनेट में प्रस्ताव जल्द, तय समय में काम मुख्यमंत्री ने दिया नाम जाति आधारित गणना      पटना - बिहार में जल्द जातियों की गिनती होगी। वुधवार को सभी प्रमुख पार्टियों के बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एकसाथ बैठकर इसकी खासी दरकार बताई,

दिनांक 2022-06-08 05:24:06 Read more

अपने खर्च पर जाति आधारित गणना कराएगी बिहार सरकार

Bihar government will conduct caste based censusसर्वदलीय बैठक के अगले ही दिन कैबिनेट की हरी झंडी साथ ही आर्थिक स्थिति का सर्वेक्षण भी किया जाएगा      पटना - नीतीश कुमार की सरकार बिहार के संसाधनों से जाति आधारित गणना कराएगी। इसके साथ आर्थिक स्थिति का सर्वेक्षण भी किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस गणना करने में करीब नौ महीने का समय लगेगा। गुरुवार

दिनांक 2022-06-07 01:33:12 Read more

भारताला खाद्य तेल पुरवठ्यात स्वावलंबी करणार - काशिराम वंजारी

India will become self-sufficient in edible oil suppliesग्रामीण उद्योजगांची मुंबईत राज्य स्तरीय परिषद संपन्न      मुंबई - देशात खाद्यतेले यांचा मोठा प्रमाणात तुटवडा भासत असून, भारता सारख्या बलशाली देशाला अद्याप ही खाद्य तेल आयात करावे लागते, हे आयात खाद्यतेल सुमार दर्जाचे असते व जनतेच्या आरोग्याला हानिकारक ही असते म्हणून भारताला खाद्य तेला बाबत स्वयंपूर्ण

दिनांक 2022-06-07 01:10:57 Read more

राष्ट्रसंत तुकडोजी विद्यापीठात राष्ट्रसंतांच्या साहित्य संशोधनाला विरोध ?

Opposition to Rashtrasant literary research at Rashtra sant Tukdoji Universityपण राष्ट्रसंत स्मृति संशोधन शिष्यवृत्ती भेटणार !     24 मे 2022 नागपूरातील मोठ्या वर्तमाणपत्रांमधून एक जाहिरात राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठाची प्रसीद झाली. त्या जाहिरातीत राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज रमृति संशोधन शिष्यवृत्ती विषयी माहीती प्रसीद्ध झाली. शैक्षणीक सत्र 2022-2023 या कालावधीत ज्यांनी

दिनांक 2022-06-06 11:50:33 Read more

बिहारमध्ये जातनिहाय जनगणना, महाराष्ट्रात का नाही ? ( उत्तरार्ध )

Caste wise census in Bihar why not in Maharashtraलेखक - प्रा. श्रावण देवरे काल पुर्वार्ध वाचला आज उत्तरार्ध वाचा.....     महाराष्ट्रात ब्राह्मणी गुलामगिरीची परंपरा कशी निर्माण झाली, हे आता पाहू या! तामीळनाडूमधील सामी पेरियार यांनी 1925 साली ब्राह्मणी कॉंग्रेसला लाथ मारली व तात्यासाहेब महात्मा फुलेंचे ‘अब्राह्मणी तत्वज्ञान’ स्वीकारून शूद्रादिअतिशूद्रांची

दिनांक 2022-06-06 07:34:47 Read more

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