गणना किए गए मकानों के नजरी नक्शा से भौतिक सत्यापन का काम शुरू
पटना । पटना जिले में 20 लाख से अधिक परिवार होने का अनुमान था, लेकिन जब गणना कराई गई तो लगभग 14 लाख 35 हजार 269 परिवार ही मिले हैं। पांच लाख 64 हजार 731 परिवार अनुमान से कम मिले हैं। गणना के दौरान परिवार छूट गए या पटना जिले की जनसंख्या में गिरावट आई है, यह जानने के लिए नजरी नक्शा के आधार पर भौतिक सत्यापन हो रहा है ।
पटना जिले में लगभग 20 लाख परिवार होने का अनुमान था, लेकिन गणना के दौरान 14 लाख 35 हजार परिवार ही मिले हैं। यह अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार की संख्या है। परिवार की संख्या में कुछ परिवर्तन हो सकता है । सत्यापन कराया जा रहा है कि अनुमान से पांच लाख से अधिक परिवार कम कैसे मिले । - डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डीएम पटना
शहरी क्षेत्र में गणना छूट जाने की दर्ज कराई गई शिकाय
पटना जिले में दर्जनों लोगों ने जाति आधारित गणना छूट जाने की शिकायत जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष में दर्ज कराई है। इसमें नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 02, 03, 05, 07,11, 21, 22, 27, 30, 31, 32, 33, 35, 37, 46 और 51 से जिला नियंत्रण कक्ष को शिकायत दर्ज कराई गई कि उनके यहां गणना नहीं की गई है । इसमें रामनगरी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकड़बाग, दानापुर के सर्वोदयनगर, रामकृष्णानगर के शिवाजी कॉलोनी, शिवपुरी में कई ऐसे परिवारों का कहना था कि उनके घर गणना करने कोई नहीं आया है। पाटलिपुत्र और कंकड़बाग से शिकायत थी कि कई इलाके ऐसे हैं, जहां पूरी कॉलोनी में कोई गणना करने नहीं आया। शिकायतों का सत्यापन कराया जा रहा है ।
शहरी क्षेत्र में बढ़े 7900 मकान
गणना के दौरान यह जानकारी मिली की पटना नगर निगम क्षेत्र में 2011 के बाद 7900 मकान बढ़े हैं। इनमें विधिवत परिवार रह रहे हैं। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल क्षेत्र में 4500 मकान, बांकीपुर अंचल में 750 मकान और कंकड़बाग अंचल में 1350 नये मकान शामिल हैं । फुलवारीशरीफ में 600 मकान बढ़े हैं । हालांकि अभी संपतचक, दानापुर, बिहटा क्षेत्र में नये मकानों की गणना की रिपोर्ट आनी बाकी है ।