हक के लिए सड़क पर उतरी ओबीसी महासभा, कराया शहर बंद

27 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

     सतना पंचायत व नगरीय निकाय चुनावों में आरक्षण दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की सहमति के बावजूद असंतुष्ट ओबीसी महासभा ने शनिवार को महाबंद का ऐलान किया। जिसके तहत महासभा के लोगों ने शनिवार को शहर की सड़कों पर उतर कर दुकानें बंद कराई। ओबीसी महासभा और आरक्षण बचाओ आंदोलन समिति की टोलियां शहर बंद कराने सड़क पर निकलीं। शहर के सेमरिया चौक, बिरला रोड, रीवा रोड, कृष्ण नगर, पन्नीलाल चौक, चौक बाजार, बिहारी चौक, स्टेशन रोड समेत पूरा बाजार तय समय सीमा तक बंद रहा। आरक्षण के मसले पर राजनैतिक दलों की सीमाएं तोड कर ओबीसी समाज के लोग एक साथ एक ही बैनर के तले नजर आए और सभी ने एक साथ कम से कम 27 फीसदी आरक्षण की मांग बुलंद की ।

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शराब दुकानों में भी रहाशटरडाउन

    टोलियों ने रास्ते मे दिखी दुकानों को बंद कराया। किसी से आग्रह किया गया तो किसी के शटर खुद टोली में शामिल लोगों ने गिरा दिए। अन्य वस्तुओं की दुकानों के अलावा प्रदर्शनकारी शराब की दुकानों व अहातों में भी पहुंचे और उन्हें भी बंद करा दिया। बाजार क्षेत्र में ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने व्यापारियों से हाथ जोड़ कर दुकानें बंद करने का आग्रह भी किया। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे अपने हक के लिए सड़क पर उतरे हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसमें सभी का सहयोग चाहिए लिहाजा दोपहर 2 बजे तक दुकानें बंद रखें।

आबादी 60 फीसदी, आरक्षण 14 प्रतिशत ?

प्रदर्शन के बाद ओबीसी महासभा ने एसडीएम सिटी सुरेश जादव को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 27 फीसदी आरक्षण के बिना चुनाव न कराने की मांग की गई। ओबीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कुल 50 फीसदी आरक्षण के फार्मूले से ओबीसी महासभा संतुष्ट नहीं है। उसका मानना है कि इस फॉर्मूले से सिर्फ 14 फीसदी हिस्सेदारी ही मिल सकती है. जबकि हमारी आबादी 60 फीसदी है। लिहाजा हमें 27 फीसदी आरक्षण न्यूनतम मिलना चाहिए।