आष्टा मध्यप्रदेश में जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी तब हमने पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 प्रतिशत किया था परंतु प्रदेश के मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उदासीनता एवम पिछड़ा वर्ग के विरुद्ध शिवराज सिंह सरकार एवम बीजेपी की गलत नीतियों के चलते पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका। अगर शिवराज सरकार इस दिशा में समय रहते 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की कार्रवाई करती तो यह मामला न्यायालय में नहीं जाता । भाजपा की षड्यंत्रकारी सरकार पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ दिलवाना ही नहीं चाह रही थी और जब न्यायालय ने 10 मई के अपने फैसले में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण नहीं देने का आदेश दिया तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वोच्च न्यायालय में मॉडिफिकेशन पिटिशन पेश कर तथा गलत आंकड़े पिछड़ा वर्ग के पेश किए। उक्त बात अपने उद्बोधन में पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय ने 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण न देने का आदेश दिया तो शिवराज सरकार ने अपने आप को पिछड़ा वर्ग का हितैषी बताना शुरू कर दिया, जबकि वास्तविकता में पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं मिल रहा है। वर्मा ने भाजपा पर अरोप लगाते हुए कहा कि शिवराज सरकार में मंहगाई, अपराध, भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश में अराजकता की स्थिति बनी हुई है। धरना प्रदर्शन में मुख्यमंत्री शिवराज का पुतला भी फूंका गया।
धरना प्रदशर्शन के बाद नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी तहसील कार्यालय पहुंचे जहां राज्यपाल के नाम एसडीएम आनंदसिंह राजावत को ज्ञापन सौपा गया। कार्यक्रम को संबोधित करने वालो मे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमति गुलाबबाई ठाकुर, भैया मियां, बलहादुर भगत, पूर्व नपा उपाध्यक्ष खालिद पठान, पूर्व जनपद अध्यक्ष बापूलाल मालवीय, कमल पहलवान, सौभालसिंह मुगली राधेश्याम दलपति, मेहरवान सिंह दीखेड़ी, शांतिलाल मंडलोई, घनश्याम जांगडा, हेमंत वर्मा, जगदीष चौहान, एचआर परमाल, जाहिद गुड्डू, राखी परमार, शैलेंद्र ठाकूर मेहतवाड़ा, सुरेंद्र परमार, सनव्वर खान, सीतरानी, भैया एमपी, महेंद्र टीपाखेड़ी, प्रहलाद सिंह खड़ी, नरेंद्र भाटी, नीलम राधेश्याम सोनी, कांग्रेस प्रवक्ता जहूर मंसूरी, पूर्व पार्षद दिलीप शर्मा, मनीषा खत्री, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।