पिछड़े वर्ग की जनगणना के लिए कानून बनाएं राज्य और केन्द्र सरकार
सभा के बाद रैली निकाली, विफल रहा बाजार बंद
छतरपुर । आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में 27 फीसदी आरक्षण दिए जाने सहित 6 प्रमुख मांगों के लिए शनिवार को उत्तरपुर में ओबीसी महासभा द्वारा एक सभा कर रैली निकाली गई। पूर्व घोषणा के मुताबिक शनिवार को बाजार बंद का ऐलान भी किया गया था लेकिन व्यापारियों पर ओबीसी महासभा के इस आझन का कोई असर नहीं हुआ। रैली यात्रा के दौरान ही दुकानदारों ने अपनी शटर नीचे गिराई और रेती निकलने के बाद फिर से दुकानें खुल गई। बहरहाल ओबीसी महासभा ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उताया।
ओबीसी महासभा के आहान पर प्रदेश के कई हिस्सों से आए पदाधिकारियों एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले मोटे के महावीर मंदिर में एकत्रित होकर एक सभा का आयोजन किया। इस सभा के दौरान ओबीसी नेताओं ने अपने हक की आवाज बुलंद करते हुए कहा कि देश की सरकारों ने आजादी से लेकर आज तक अन्य पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित जातियों की जनगणना नहीं कराई जिसके कारण उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल पा रहा है। नेताओं ने कहा कि 1931 को जनगणना में भारत की ओबीसी आबादी लगभग 52 फीसदी थी। इसके बाद कई बार आयोगों के द्वारा जनगणना कराए जाने की सिफारिश के बाद भी जनगणना नहीं करायी गई। नेताओं ने आगामी जनगणना फार्मेट में ओबीसी का कॉलम सम्मिलित किए जाने का मुद्दा उठाया ।
इन मांगों पर सौंपा ज्ञापन