सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी वर्ग के राजनीतिक आरक्षण पर रोक लगाने के पश्चात ओबीसी सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिए हैं. ओबीसी संगठनों ने आरक्षण नहीं तो मतदान नहीं की भूमिका अपनाई है. ओबीसी क्रांति मोर्चा ने इसे लेकर परिपत्रक जारी कर जानकारी दी है.
केंद्र सरकार - राज्य सरकार गंभीर नहीं
यह आरक्षण 50 प्रश.से अधिक जाने से नागपुर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गयी, लेकिन ओबीसी वर्ग को 27 प्रश.आरक्षण देने के पश्चात 50 प्रश. आरक्षण नहीं जाता.ओबीसी क्रांति मोर्चा ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकार ने गत 10 वर्षो में ओबीसी के आरक्षण का मद्दा गंभीरता से नहीं संभाला, इसलिए ओबीसी का आरक्षण खत्म हुआ. आरक्षण नहीं तो मतदान नहीं इस तर्ज पर ओबीसी समाज द्वारा मतदान पर बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.