महाराष्ट्र में "जंगल राज" !

डॉ. महेंद्र धावड़े, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी 

     महाराष्ट्र में "जंगल राज" की स्थिति का आरोप काफी हद तक राजनीतिक बयानबाजी और हालिया हाई-प्रोफाइल अपराधों का परिणाम है। जमीन पर, जहां एक तरफ संगठित अपराध (Extortion/Gang threats) और साइबर/महिला अपराधों की नई चुनौतियां बढ़ी हैं ।

     राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और गृह विभाग कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा है। इसके पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण गिनाए जाते हैं।

     १)हाल के समय में मुंबई और ठाणे जैसे क्षेत्रों में कई चौंकाने वाली घटनाएं हुईं। बाबा सिद्दीकी की हत्या, प्रदीप पुर्नेकर मर्डर केस, और सेलिब्रिटीज (जैसे सलमान खान और टाइगर श्रॉफ) के घरों/गाड़ियों के बाहर फायरिंग की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

Maharashtra Mein Jungle Raj Badhte Apradh Kisan Atmahatya Aur Law and Order Ka Sawal

     २)कुछ मामलों में सत्ताधारी दलों के नेताओं की हिस्ट्रीशीटर्स (अपराधियों) के साथ तस्वीरें या संबंध सामने आए हैं, जिससे पुलिस के इकबाल पर असर पड़ा है।

     ३)नागपुर जैसे शहरों में सराफा व्यापारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी (extortion) की चिट्ठियां मिलना भी कानून के डर में कमी को दर्शाता है।

     ४)एनसीआरबी (NCRB) और राज्य के आंकड़ों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों (POCSO मामले) और साइबर अपराधों में महाराष्ट्र काफी ऊपर है। इसके अतिरिक्त, कुछ रिपोर्टों में बलात्कार और विनयभंग के दर्ज मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

     ५)पुणे और मुंबई जैसे शहरों के पुलिस कप्तानों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पारंपरिक स्ट्रीट क्राइम जैसे लूटपाट (Robbery), चेन स्नेचिंग, घर में चोरी (House-breaking), और हत्या के प्रयासों में पिछले वर्षों की तुलना में 10% से 50% तक की गिरावट दर्ज की गई है।

Law and Order Ki Fail Maharashtra Mein Apradhiyon Ke Hausle Buland Kisan Aur Bacche Asurakshit

अपराध के मामलों में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर

     राज्य में कुल 47,954 मामले दर्ज किए गए हैं, जो उत्तर प्रदेश (66,398 मामले) के बाद देश में सबसे ज्यादा हैं।

     १)मुंबई: महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में राज्य में सबसे ऊपर है, जहाँ सर्वाधिक एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं।पुणे: राज्य में दूसरे स्थान पर (2,631 मामले) है।नागपुर: तीसरे स्थान पर (1,513 मामले) है। साल 2026 के पहले सात महीनों के आरटीआई (RTI) आंकड़ों के मुताबिक, नागपुर में महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

किसानों ने आत्महत्या

     भारत में किसान आत्महत्या (Farmer Suicide) एक बेहद गंभीर, संवेदनशील और गहरा सामाजिक-आर्थिक संकट है।विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्य इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित है।हाल ही में अक्टूबर 2026 में सामने आई एक आरटीआई (RTI) रिपोर्ट और ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, यह समस्या एक बार फिर बड़े विवाद और चिंता का विषय बन गई है।

     १)आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे द्वारा निकाली गई जानकारी के अनुसार, जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच महाराष्ट्र में 13,928 किसानों ने आत्महत्या की है।आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में औसतन हर दिन 8 किसान अपनी जान गंवा रहे हैं।रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि आत्महत्या करने वाले कुल किसानों में से केवल लगभग 50-60% परिवारों को ही कड़े नियमों और शर्तों के कारण सरकारी मुआवजा मिल पाता है, जबकि कई मामले अपात्र घोषित कर दिए जाते हैं।

     २)नवंबर 2026 की शुरुआत में, नांदेड़ में एक सभा के दौरान महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कर्जदाताओं और निजी फाइनेंस कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि सूखा या आर्थिक तंगी से प्रभावित किसी किसान को कर्ज वसूली के लिए परेशान किया गया और उसने आत्महत्या की, तो संबंधित कर्ज देने वाली कंपनी या बैंक पर सीधे 'हत्या का मामला' (Murder Case) दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से इस कृषि संकट के समय हिम्मत न हारने की अपील की है।

शाला स्तर के मामले

     महाराष्ट्र में स्कूल (शाला) स्तर पर बच्चों के साथ अत्याचार और यौन उत्पीड़न से संबंधित सबसे प्रमुख घटना बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न मामला (Badlapur School Sexual Abuse Case) है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

     १)बदलापुर स्कूल घटना-घटना के बाद स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास टीचर और कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जो बाद में सितंबर 2024 में एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट की निगरानी में इस एनकाउंटर और स्कूल सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

     २)नवी मुंबई स्कूल बस घटना-सितंबर 2026 नवी मुंबई के कामोठे इलाके में एक स्कूल बस ड्राइवर को 3 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ गाड़ी के अंदर दुर्व्यवहार करने के आरोप में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। बच्ची बस में आखिरी बची सवारी थी, जिसका ड्राइवर ने फायदा उठाया।

     ३)पुणे क्लासरूम चाकूबाजी-अक्टूबर 2026 पुणे के बावधन स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 9 के एक छात्र ने इंस्टाग्राम वीडियो के विवाद को लेकर अपनी ही सहपाठी छात्रा पर क्लास के बाहर चाकू से हमला कर दिया, जिससे छात्रा घायल हो गई।

     ४)आदिवासी आश्रम स्कूल मामला- महाराष्ट्र के एक आदिवासी बोर्डिंग स्कूल में करीब 22 नाबालिग छात्राओं ने किचन हेल्पर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

     ५)पुणे दहेज मामला-

     नवंबर 2026 पुणे के मुकुंदनगर (स्वारगेट) इलाके में पायल नाम की एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मरने से पहले उसने एक संदेश छोड़ा, जिसमें उसने अपनी सास को जिम्मेदार ठहराया।

     ६)पुणे से नवी मुंबई फिल्मी अंदाज में अपहरण- 

     अक्टूबर 2026  पुणे के कोथरुड इलाके से 43 वर्षीय केदार जयंत वांगीकर नाम के व्यक्ति का स्कॉर्पियो गाड़ी में आए चार लोगों ने अपहरण कर लिया था।

     ७)संभाजीनगर (औरंगाबाद) रोड रेज और मर्डर-

     अक्टूबर 2026 शहर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सीसीटीवी में कैद हुआ, जिसमें पवन पराशर नाम के आरोपी ने पहले अपनी कार से एक दोपहिया वाहन चालक (द्वेश दीक्षित) को टक्कर मारी।

     ८)अहमदनगर (अहिल्यानगर)अपहरण और अत्याचार - 

     अक्टूबर-नवंबर 2026 शेवगांव तालुक में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का स्कॉर्पियो कार में आए अज्ञात लोगों ने सड़क से अपहरण कर लिया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया।

     ९)जलगॉंव (भुसावल) दिनदहाड़े गोळीबार-

     नवंबर 2026 भुसावल तालुका के फुलगांव फ्लाईओवर के पास मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात हमलावरों ने सरफराज नाम के 25 वर्षीय युवक पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। युवक के कंधे पर गोली लगी, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।

     १०) मुंबई हाई-प्रोफाइल फायरिंग-मुंबई के जुहू इलाके में हुई एक फायरिंग की घटना की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की।

      उपरोक्त ब्योरों का अवलोकन करने से ज्ञात होता है की महाराष्ट्र की जनता जंगलराज से जूझ रही है और राज्य में अपराधियों पर अंकुश लगाकर जनता को न्याय दिलाने के लिये सरकार उचित कदम उठाए ।