सात जिलों से निकलेगी मंडल जनगणना यात्रा

     नागपुर, अगस्त 2025: केंद्र सरकार द्वारा 7 अगस्त 1990 को मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया था, जिसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय को सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में आरक्षण का लाभ प्रदान कर देश की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में प्रतिवर्ष 7 अगस्त को पूरे भारत में मंडल दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। इस वर्ष मंडल दिवस के अवसर पर ओबीसी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही जाति-आधारित जनगणना की मांग को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए विदर्भ क्षेत्र में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। ओबीसी युवा अधिकार मंच और विदर्भ के विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में 2 से 7 अगस्त 2025 तक विदर्भ के सात जिलों नागपुर, वर्धा, यवतमाल, चंद्रपुर, गड़चिरोली, गोंदिया और भंडारा में मंडल जनगणना यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा 2 अगस्त को सुबह 10 बजे नागपुर के ऐतिहासिक संविधान चौक से शुरू होगी और 7 अगस्त को भंडारा के संताजी मंगल कार्यालय में एक भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न होगी।

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    इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जाति-आधारित जनगणना को लागू करने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना और ओबीसी समुदाय के अधिकारों के लिए एक सशक्त आवाज उठाना है। यात्रा के दौरान विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता के लिए कॉर्नर बैठकों, सभाओं, और पथनाट्य जैसे आकर्षक और प्रभावी माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। नागपुर के दीक्षाभूमि पर यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा, जो सामाजिक समानता और न्याय का प्रतीक है। इस अभियान में लगभग 100 समर्पित कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ओबीसी समुदाय की मांगों को बुलंद करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।

    पत्रकार परिषद में दी गई जानकारी: सोमवार को नागपुर के प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार परिषद में ओबीसी युवा अधिकार मंच के मुख्य संयोजक श्री उमेश कोर्राम ने इस यात्रा की रूपरेखा और उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर मंच के अन्य प्रमुख संयोजक श्री खेमेंद्र कटरे, श्री कैलास भेलावे, और कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। श्री कोर्राम ने बताया कि यह यात्रा न केवल जनगणना की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगी, बल्कि ओबीसी समुदाय के लिए विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षणिक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा, "यह यात्रा विदर्भ के ओबीसी समुदाय की एकता और उनके हक की लड़ाई को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से ले और त्वरित कार्रवाई करे।"

    यात्रा की प्रमुख मांगें: मंडल जनगणना यात्रा के माध्यम से ओबीसी युवा अधिकार मंच ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जो समुदाय के समग्र विकास और सशक्तीकरण पर केंद्रित हैं। इनमें शामिल हैं:

  •     जाति-आधारित जनगणना: जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल कर समुदाय की सटीक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन।
  •     महा ज्योति योजना के लिए निधि: इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटन।
  •     प्रत्येक जिले में ओबीसी कार्यालय और भवन: समुदाय के लिए समर्पित प्रशासनिक सुविधाएं।
  •     किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी: किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कर्ज राहत।
  •     घरकुल योजना की सहायता राशि: वर्तमान सहायता को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना।
  •     ओबीसी छात्रों के लिए 100% छात्रवृत्ति: शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए।
  •     रिक्त पदों की भर्ती: सरकारी नौकरियों में 1 लाख रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
  •     जनसंख्या अनुपात में फंड: ओबीसी समुदाय की जनसंख्या के आधार पर बजट आवंटन।
  •     उद्योग और व्यवसाय के लिए समर्थन: ओबीसी विकास महामंडल को 1000 करोड़ रुपये का फंड।
  •     प्रत्येक तालुका में स्वतंत्र हॉस्टल: ओबीसी छात्रों के लिए बेहतर आवास सुविधाएं।
  •     ज्ञान ज्योति योजना का विस्तार: 720 हॉस्टलों में 2,16,000 छात्रों को लाभ।
  •     विदेशी छात्रवृत्ति: 500 ओबीसी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति।

    ये मांगें न केवल ओबीसी समुदाय की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम हैं। यात्रा के दौरान इन मांगों को जनता और सरकार तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाएंगे।

    यात्रा का महत्व: यह मंडल जनगणना यात्रा विदर्भ के ओबीसी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जो सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी। यह अभियान न केवल जाति-आधारित जनगणना की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगा, बल्कि ओबीसी समुदाय के युवाओं, किसानों, और छात्रों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नागपुर के संविधान चौक से शुरू होने वाली यह यात्रा विदर्भ के हर कोने में सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर जाएगी और मंडल आयोग की भावना को जीवंत रखेगी।