'आरक्षण बचाव' महामोर्चा ने किया विरोध मार्च

मांग 27 दिसंबर, 26 जनवरी की अधिसूचना को वापस लेने की मांग

    चंद्रपुर महाराष्ट्र सरकार द्वारा सभी पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जाति-जनजाति के नागरिकों के आरक्षण को खतरे में डालने वाली 27 दिसंबर 2023 और 26 जनवरी 2024 की दो अधिसूचनाएं जारी की गई हैं. इन अधिसूचनाओं को वापस लेने और जातिवार जनगणना किए जाने की मुख्य मांग को लेकर शहर के गांधी चौक से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक आरक्षण बचाव महामोर्चा की ओर से विरोध मार्च करके प्रदर्शन किया गया.

Aarakshan_Bachao_MahaMorcha_Chandrapur     अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विभिन्न संगठनों के आह्वान पर यह मार्च निकाला गया. विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पंडाल लगाकर इस मार्च का स्वागत करके समर्थन दिया. इस मार्च का नेतृत्व महिलाओं और लड़कियों ने किया.

    इस दौरान विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार, विधायक किशोर जोरगेवार और विधायक प्रतिभा धानोरकर ने दोनों अधिसूचनाओं को रद्द करने के लिए विधानसभा में आवाज उठाने का वादा किया. मोर्चा संयोजक सचिन राजुरकर ने भी इस मौके पर अपना पक्ष रखा.

    जिला प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी कुंभार ने मार्च स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन स्वीकार किया. इस मार्च की आयोजन समिति के संयोजक दिनेश चोखरे, नंदू नागरकर, जयदीप रोडे, सतीश भिवगड़े, मनीषा बोबडे, गोमती पाचभाई, डॉ. दिलीप कांबले, प्रवीण खोबरागड़े, पांडुरंग टोंगे, अनिल धानोरकर, विलास माथनकर, जितेश कुलमेथे, विजय मडावी, कृष्णा मसराम, रवींद्र टोंगे, विजय बाल्की, प्रेमानंद जोगी, पांडुरंग टोंगे, सूर्यकांत खनके, अनिल शिंदे, भोला मडावी, राजा अदकिने, अवधूत कोटेवार, अमोल घोड़मारे उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन श्याम लेडे, डॉ. संजय घाटे व पप्पू देशमुख ने किया. आभार पुरुषोत्तम सातपुते ने माना.

    मुख्य बिंदु - विरोध मार्च में शामिल लोगों ने की जातिवार जनगणना करवाने की मांग, विरोध मार्च में शामिल हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार समेत अन्य विधायक, मोर्चा स्थल पहुंचकर उपजिलाधिकारी ने स्वीकारा ज्ञापन