फुले आधार योजना का निकला जीआर - ओबीसी संगठन आंदोलन की सफलता

    राज्य सरकार की ओर से पिछले दो-तीन वर्षों से ओबीसी को आधार योजना के कार्यान्वयन के संबंध में आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिल रहा था. लेकिन विदर्भ के ओबीसी संगठनों ने लगातार प्रयास के बाद आंदोलन के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्ष किया. इसी बीच नागपुर शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के नाम 1 लाख पोस्टकार्ड भेजने का अभीयान चलाने मुहीम चलाई जा रही थी. इन सभी का संज्ञान राज्य सरकार को आखिरकार लेना पड़ा. इससे ओबीसी संगठन के आंदोलन को सफलता मिली है. पहले चरण में ओबीसी छात्रों के लिए स्वाधार के आधार पर सावित्रीबाई फुले आधार योजना लागू करने को लेकर सरकार का फैसला बुधवार 13 दिसंबर को जारी करना पड़ा. सरकार के इस फैसले के मुताबिक जिन छात्रों को छात्रावास में अवसर नहीं मिलेगा उन्हें शहरी विभाग के लिए 60000 रुपये, उपशहरी विभाग के लिए 51000 रुपये और नागरी विभाग के लिए 41000 रुपये और तहसील विभाग
के लिए 38000 रुपये स्वीकृत किए गए हैं. ओबीसी सेवा संघ, ओबीसी युवा अधिकार मंच, विभिन्न ओबीसी संगठन के लगातार दबाव के चलते व पिछले 2 वर्ष से मंडल यात्रा के माध्यम से ओबीसी विद्यार्थियों के लिए स्वाधार के आधार पर योजना शुरू करने के लिए प्रयास चल रहे थे. इसी बीव विधानसभा का शीतकालीन अधिवेशन शुरू होते ही 1 लाख पोस्टकार्ड अभियान व हस्ताक्षर भेजने के अभियान की तैयारी चल रही थी. यह देख ओबीसी बहुजन मंत्रालय ने ओबीसी के लिए आधार योजना के सरकारी फैसले की घोषणा की यह एक वास्तविक जीत है.

Phule_Aadhaar_Scheme_GR_-_success_of_OBC_organization_movement     आधार योजना के सरकारी फैसले से ओबीसी छात्रों को शहर में पढ़ाई करने में सहूलियत होगी. ओबीसी सेवा संघ ने लगातार इसके लिए कई आंदोलन किये. हम ओबीसी जनगणना और ओबीसी छात्रावास शुरू कराने के लिए संघर्ष करते रहेंगे.

- प्रा. अनिल डहाके, जिलाध्यक्ष, ओबीसी सेवा संघ, चंद्रपुर