OBC समाज ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
चंद्रपुर - मराठा समाज को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिय शुरू की गई है. मराठाओं का किया जा रहा ओबीसीकरण यह पिछड़े प्रवर्ग पर अन्यायकारक है. इसलिए मराठा को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया रोकने और ओबीसी में शामिल नहीं करने की मांग जिलाध्यक्ष प्रा. अनिल डहाके और जिला महासिचव विलास माथनकर ने की मांग पर ध्यान नहीं देने पर ओबीसी सेवा संघ ने सरकार को तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी. ओबीसी सेवा संघ ने इस संबंध में जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा. इसमें कहा गया कि महाराष्ट्र का ओबीसी, वीजेएनटी, एसबीसी समाज शैक्षणिक, सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा है. उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थी जिले, विभाग अथवा पुणे, मुंबई जैसे शहर में रहने के लिए शासकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने से कई ग्रामीण गरीब विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रहते हैं.
अब तक शुरू नहीं हुए 72 छात्रावास
पहले ही कम मिल रहा आरक्षण
केंद्र सरकार ने ओबीसी समाज की जातिनिहाय जनगणना करने का निर्णय अब तक नहीं लिया है. देश में आज भी ओबीसी समाज को उसकी जनसंख्या के हिसाब से कम आरक्षण मिल रहा है. ऐसे में मराठा समाज का भी ओबीसीकरण किया गया, तो यह पिछड़े वर्ग के लिए अन्याय होगा. इस संबंध में ध्यान नहीं देने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी देवा पांचभाई, रणजीत डवरे, प्रलय मशाखेत्री, गोमती पांचभाई. कुणाल चहारे, मनीषा बोबड़े, आकोश कडुकर ने दी.
...तो चुनाव पर पड़ेगा असर
पिछडा घटक उन्नत समाज से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता. इसलिए पिछड़े समाज को आरक्षण दिया गया है. मराठा समाज का ओबीसीकरण ओबीसी के साथ अन्याय होगा. यदि यह किया गया, तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर दिखेगा.
- प्रा. अनिल डहाके, जिलाध्यक्ष, ओबीसी सेवा संघ.