१९७४ की संपूर्ण क्रांति और आज का संघर्ष !
(किसान से जेन झी तक) डॉ. महेंद्र धावडे, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी 1974 की क्रांति (जेपी आंदोलन) भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का एक मील का पत्थर थी, जिसकी तुलना आज क...
संपूर्ण वाचाबहुजन दार्शनिकांच्या विचारांसाठी समर्पित
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(किसान से जेन झी तक) डॉ. महेंद्र धावडे, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी 1974 की क्रांति (जेपी आंदोलन) भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का एक मील का पत्थर थी, जिसकी तुलना आज क...
संपूर्ण वाचा(सत्ताधारी को छूट विरोधी पर बेछूट) डॉ. महेंद्र धावडे, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन द्वारा लगाए गए उस गंभीर आरोप के संदर्भ में सो...
संपूर्ण वाचा( आलेख : कृष्ण प्रताप सिंह ) दिसंबर, 1990 से दिसंबर, 1996 तक अपने पद पर रहे देश के दसवें मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन निर्वाचन आयोग की शुचिता, स्वायत्तता, स्वतंत्रता व निष्...
संपूर्ण वाचाडॉ. महेंद्र धावड़े, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी कानून की सर्वोच्चता (Primacy of Law) भारतीय न्यायिक व्यवस्था में ‘विधि का शासन’ (Rule of Law) सर्वोपरि सिद्ध...
संपूर्ण वाचा( आलेख : संपृक्ता बोस, अनुवाद : संजय पराते ) पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनावों के इर्द-गिर्द जो हो रहा है, वह आम राजनीतिक दुश्मनी से कहीं ज़्यादा है। उम्मीदव...
संपूर्ण वाचाडॉ. महेंद्र धावडे, संस्थापक अध्यक्ष, बलीराजा पार्टी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की विश्वसनीयता और स्वायत्तता वर्तमान में एक गंभीर विमर्श का विषय बनी हुई है। सितंबर 2026 में स...
संपूर्ण वाचा( आलेख : कामेश्वर पांडे ) दिल्ली में 33 लाख से अधिक मतदाताओं को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किए हैं। कारण—‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’। यानी पुराने मतदाता रिकॉर्ड से ...
संपूर्ण वाचा(आलेख : सृजन भट्टाचार्य, अनुवाद : संजय पराते) जादवपुर ने प्रतिरोध किया है। एक बार फिर। हम लोग अब तक भारत के सभी प्रमुख शिक्षण संस्थानों पर आरएसएस के हमलों से वाकिफ हो...
संपूर्ण वाचा( आलेख : राजेंद्र शर्मा ) पुरानी कहावत है — बंद मुट्ठी लाख की, खुल गयी तो खाक की! नरेंद्र मोदी के छिहत्तर वर्ष पूरे होने पर महीने भर चलने वाले भाजपायी से बढ़कर सरकारी आयोजनो...
संपूर्ण वाचा( आलेख : सुधन्वा देशपांडे, अनुवाद : संजय पराते ) पेंगुइन रैंडम हाउस (पीआरएच) दुनिया के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक है। पीआरएच का एक मुद्रक अमेरिका में सोनिया गांधी की याद...
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