जातिप्रथा और धर्म परिवर्तन - डॉ. भीमराव आम्बेडकर
हिंदू समाज की वर्तमान उथल-पुथल का कारण है, आत्म-परिरक्षण के भावना। एक समय था, जब इस समाज के अभिजात वर्ग को अपने परिरक्षण के बारे में कोई डर नहीं था। उनका तर्क था...
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हिंदू समाज की वर्तमान उथल-पुथल का कारण है, आत्म-परिरक्षण के भावना। एक समय था, जब इस समाज के अभिजात वर्ग को अपने परिरक्षण के बारे में कोई डर नहीं था। उनका तर्क था...
संपूर्ण वाचाजैसा कि मैं प्रथम निबंध (‘भारत में जातिप्रथा') में बता चुका हूं, कोई जाति एकल संख्या में नहीं हो सकती। जाति केवल बहुसंख्या में ही जिंदा रह सकती है। वास...
संपूर्ण वाचाकार्ल मार्क्स तथा बुद्ध में तुलना करने के कार्य को कुछ लोगों द्वारा एक मजाक माना जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। मार्क्स तथा बुद्ध के बीच 2381 वर्ष का अंतर है...
संपूर्ण वाचालेखक - डॉ. भीमराव अम्बेडकर भारत में जातिप्रथा संरचना, उत्पत्ति और विकास 9 मई, 1916 को कोलंबिया यूनिवर्सिटी, न्यूयार्क, अमरीका, में आयोजित डॉ. ए. ए. गोल्डनवाइजर गोष्ठी...
संपूर्ण वाचाधाराशिव - स्वतःच्या पेन्शनच्या पैश्यातून डॉ बाबासाहेब आबेडकर यांची जयंतीची मिरवणूक काढून आगळेवेगळे अभिवादन सेवानिवृत्त सफाई कामगार जगन अंबादास बनसोडे यांनी...
संपूर्ण वाचाब्रम्हपुरी तालुक्यातील कोसंबी (खडसमारा) येथे बौद्ध समाजाचे एकही घर नसतांना तेथील माळी समाजाने पुढाकार घेऊन पहिल्यांदाच विश्वात्म परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर य...
संपूर्ण वाचाविनोद पंजाबराव सदावर्ते, रा. आरेगांव ता. मेहकर, महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार लाखो लोकांच्या उपस्थितीमध्ये, शासकीय खर्चाने, मोठ्या जाहिराती करून पार पा...
संपूर्ण वाचाओबीसी अधिकारी, कर्मचारी संघाचे राज्यस्तरीय चिंतन शिबिर छत्रपती संभाजीनगरः ओबीसी समूहाचे अधिकार व हक्क हिरावून घेण्याचे षडयंत्र आखले जात आहे. यामुळे आपल्...
संपूर्ण वाचाराष्ट्रीय एससी / एसटी आयोग को छह साल भी हक मारी की जांच रिपोर्ट शासन ने नहीं भेजी। उक्त मसला सन् दो हजार सोलह में आयोग ने पाया कि ओझा और नायक जनजाति उत्तर प्रदेश...
संपूर्ण वाचाअटार्नी जनरल का मंतव्य, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध है आरक्षण सीमा बढ़ाना • राज्यपाल ने अटार्नी जनरल के मंतव्य का हवाला देते हुए राज्य सरकार को लौटा...
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