हिंदुत्व का दर्शन - लेखक - डॉ. भीमराव आम्बेडकर
Hindutva Ka Darshan Written by dr Bhimrao Ramji Ambedkar
भाग II
भारत तथा साम्यवाद की पूर्वापेक्षा
हम यहां पर ‘दि हिंदू सोशल आर्डर' शीर्षक के अंतर्गत लिखे गए एक तथा दो अध्यायों के मूल अंग्रेजी पाठ का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत कर रहे हैं। ये अध्याय ‘इंडिया एंड कम्युनिज्म' पांडुलिपि के भाग प्रतीत होते हैं। इस कृति के प्रथम पृष्ठ की विषयवस्तु के अनुसार डॉ. अम्बेडकर ने प्रस्तावित पांडुलिपि को तीन भागों में बांटा था। पहले भाग को 'प्री- रिक्वीजिट्ऑफ कम्युनिजम' नाम दिया गया। इस भाग में तीन अध्याय होने थे, लेकिन डॉ. अम्बेडकर के कागजों में इन तीनों अध्यायों में से कोई भी अध्याय नहीं मिल सका। जहां तक दूसरे भाग का संबंध है जिसका शीर्षक 'इंडिया एंड दि प्रो - रिक्वीजिट्स ऑफ कम्युनिज्म' है, इसका 'हिंदू सोशल आर्डर' नामक केवल चौथा अध्याय ही एक सजिल्द रजिस्टर में मिला है। इस अध्याय के निम्नांकित दो उप शीर्षक हैं :
1. हिंदू सोशल आर्डर : इट्स असेंशियल प्रिंसिपल्स, तथा
2. हिंदू सोशल आर्डर : इट्स यूनीक फीचर्स । प्रस्तावित पुस्तक की विषय वस्तु तालिका में उल्लिखित विषयों पर कोई अन्य अध्याय नहीं मिल पाया । - संपादक